हाल के दिनों में सामने आई कई रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रैवल सीजन शुरू होता है, वैसे ही साइबर अटैक और ऑनलाइन फ्रॉड तेजी से बढ़ जाते हैं. साइबर क्रिमिनल्स अब पहले से ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं. वो लोगों की जल्दबाजी, सस्ते ऑफर का लालच और भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें निशाना बना रहे हैं.
ट्रैवल के नाम पर हो रही ठगी
सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है जो ऑनलाइन सस्ती डील्स की तलाश में रहते हैं. इंटरनेट पर हजारों फर्जी ट्रैवल वेबसाइट्स और डोमेन बनाए जा रहे हैं, जो बिल्कुल असली जैसे दिखते हैं. यूजर को लगता है कि वो किसी भरोसेमंद साइट पर टिकट या होटल बुक कर रहा है, लेकिन असल में वो एक जाल में फंस चुका होता है.
इतना ही नहीं, अब WhatsApp और SMS के जरिए भी लोगों को टारगेट किया जा रहा है. आपको मैसेज आता है कि “यहां से बुक करो, 50% सस्ता मिलेगा” या “लास्ट मिनट डील खत्म होने वाली है”. कई लोग बिना ज्यादा सोचे समझे लिंक पर क्लिक कर देते हैं और अपनी डिटेल्स डाल देते हैं. यही वो पल होता है जब उनका डेटा और पैसा दोनों खतरे में पड़ जाता है.
फेक कस्टमर केयर और झांसा
एक और बड़ा तरीका है फेक कस्टमर केयर का. लोग जब किसी ट्रैवल कंपनी का नंबर गूगल पर सर्च करते हैं, तो कई बार उन्हें असली की जगह फर्जी नंबर मिल जाता है. फिर वही ठग खुद को कंपनी का एजेंट बताकर पेमेंट करवाते हैं और बाद में गायब हो जाते हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में हर हफ्ते हजारों साइबर अटैक हो रहे हैं और ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर इस समय सबसे ज्यादा निशाने पर है. इसका सीधा कारण है कि इस सेक्टर में ट्रांजैक्शन ज्यादा होते हैं और लोग जल्दी में फैसले लेते हैं.
असल समस्या सिर्फ पैसे की नहीं है. जब आप किसी फर्जी वेबसाइट पर अपनी डिटेल्स डालते हैं, तो आपके कार्ड की जानकारी, फोन नंबर, ईमेल और कई बार आपकी पहचान से जुड़ी जानकारी भी चोरी हो जाती है. बाद में यही डेटा अलग-अलग तरह के फ्रॉड में इस्तेमाल किया जा सकता है.
भूल कर ना करें ऐसे टिकट की बुकिंग
अगर आप थोड़ा सा ध्यान रखें तो इस तरह के फ्रॉड से बचा जा सकता है. सबसे जरूरी बात है कि किसी भी ऑफर को देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें. अगर कोई डील बहुत ज्यादा सस्ती लग रही है, तो शक करना जरूरी है. हमेशा कोशिश करें कि टिकट या होटल बुकिंग सिर्फ भरोसेमंद और जानी-पहचानी वेबसाइट्स से ही करें.
किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका URL ध्यान से देखें. अगर वेबसाइट का नाम थोड़ा भी अजीब लग रहा है या स्पेलिंग में गड़बड़ी है, तो तुरंत रुक जाएं. पेमेंट करते समय यह भी ध्यान रखें कि वेबसाइट सिक्योर है या नहीं.
WhatsApp या SMS पर आए किसी भी ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें. खासकर अगर उसमें जल्दी करने का दबाव बनाया जा रहा हो, तो समझ जाएं कि कुछ गड़बड़ है.
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Source: www.aajtak.in



